Ruchi Shukla

Heights of emotion................Direct Dil Se...

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सुनो... मैं तुमसे कह रही हूं...सुनो

Posted On: 19 Oct, 2016 कविता में

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सुनो…
मैं तुमसे कह रही हूं….सुनो
मेरी बेलौस मुहब्बत पे हक़ तुम्हारा है
मैं सिर्फ़ तुममें ही खोकर पनाह पाती हूं
मेरे ख्वाबों की इंतेहां पे हक़ तुम्हारा है
सुनो…
मैं तुमसे…
सिर्फ़ तुमसे कह रही हूं…सुनो
यूं तो तुम मेरे कुछ नहीं लगते
मगर तुम ही मेरे सबकुछ हो सुनो
मेरी दुनिया तो सिमटती है तुम्हीं पे आकर
तुम्हें चुनना है चुनो इश्क या कुछ और चुनो
सुनो…
मैं तुमसे जो कुछ भी कह रही हूं…सुनो
धड़कने बदहवास होती हैं
जब भी तुम आस-पास होते हो
दिल भी सीने में मचल उठता है
जब भी तुम मुझसे बात करते हो
पर सुनो…
जितनी शिद्दत से इश्क मैंने किया है तुमसे
ऐसी चाहत महज किस्सों में मिलेगी अबसे
मगर फिर भी हो तुम  आज़ाद सुनो…
तुम्हें देती हूं मैं आवाज़ …सुनो…
सुनो…
मैं तुमसे कह रही हूं…सुनो
उम्र के एक दौर में तुमको
मेरी यादों से जूझना होगा
जिस तरह मेरा दिल तड़पता है
वैसे तुमको भी सिसकना होगा
पर सुनो….
मैं तुम्हीं से कह रही हूं…सुनो
अब गई तो मैं कभी लौट नहीं पाऊंगी
अबकी बिखरी तो कभी फिर ना सिमट पाऊंगी
इसलिए सोच लो एक बार …सुनो
अपने दिल की भी मेरे यार…सुनो
सुनो…
मेरा दिल तुमसे कह रहा है…सुनो

सुनो…

मैं तुमसे कह रही हूं….सुनो

मेरी बेलौस मुहब्बत पे हक़ तुम्हारा है

मैं सिर्फ़ तुममें ही खोकर पनाह पाती हूं

मेरे ख्वाबों की इंतेहां पे हक़ तुम्हारा है

सुनो…

मैं तुमसे…

सिर्फ़ तुमसे कह रही हूं…सुनो

यूं तो तुम मेरे कुछ नहीं लगते

मगर तुम ही मेरे सबकुछ हो सुनो

मेरी दुनिया तो सिमटती है तुम्हीं पे आकर

तुम्हें चुनना है चुनो इश्क या कुछ और चुनो

सुनो…

मैं तुमसे जो कुछ भी कह रही हूं…सुनो

धड़कने बदहवास होती हैं

जब भी तुम आस-पास होते हो

दिल भी सीने में मचल उठता है

जब भी तुम मुझसे बात करते हो

पर सुनो…

जितनी शिद्दत से इश्क मैंने किया है तुमसे

ऐसी चाहत महज किस्सों में मिलेगी अबसे

मगर फिर भी हो तुम  आज़ाद सुनो…

तुम्हें देती हूं मैं आवाज़ …सुनो…

सुनो…

मैं तुमसे कह रही हूं…सुनो

उम्र के एक दौर में तुमको

मेरी यादों से जूझना होगा

जिस तरह मेरा दिल तड़पता है

वैसे तुमको भी सिसकना होगा

पर सुनो….

मैं तुम्हीं से कह रही हूं…सुनो

अब गई तो मैं कभी लौट नहीं पाऊंगी

अबकी बिखरी तो कभी फिर ना सिमट पाऊंगी

इसलिए सोच लो एक बार …सुनो

अपने दिल की भी मेरे यार…सुनो

सुनो…

मेरा दिल तुमसे कह रहा है…सुनो

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3 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Shobha के द्वारा
October 19, 2016

प्रिय रूचि भावनाओं से पूर्ण कविता उम्र के एक दौर में तुमको मेरी यादों से जूझना होगा जिस तरह मेरा दिल तड़पता है वैसे तुमको भी सिसकना होगा

ruchishukla के द्वारा
January 11, 2017

मेरे मन के बेहद ताज़ा और सही जज़्बात थे….सीधे पन्नों पर निकले… आपको अच्छा लगा….जानकर दिल बागबाग हो गया शुक्रिया शोभना जी

ruchishukla के द्वारा
January 11, 2017

मेरे मन के बेहद ताज़ा और सही जज़्बात थे….सीधे पन्नों पर निकले… आपको अच्छा लगा….जानकर दिल बागबाग हो गया शुक्रिया शोभा जी


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